नमस्कार। वैदिक एस्ट्रो केयर में आपका हार्दिक अभिनंदन है। वैदिक ज्योतिष शास्त्र में नवग्रहों के प्रतिकूल प्रभाव को अपने अनुकूल करने हेतु , लोककल्याण के लिए हमारे ऋषि महर्षियों ने अनेक साधन बताए हैं जैसे, मंत्र जप, वस्तुओं का दान, व्रत, पूजन अनुष्ठान, रत्न धारण औषधि स्नान आदि। इन सभी साधनों में कुछ न कुछ आर्थिक व्यय अवश्य होता है। किन्तु एक साधन ऐसा भी है कि जिससे किसी भी प्रकार का आर्थिक व्यय किए ही नवग्रहों की कृपा प्राप्त की जा सकती है। वह श्रेष्ठ साधन अर्थात उपाय है जड़ धारण। आज हम आपको इसी बारे में जानकारी देने वाले हैं। अतः आप बनें रहें वीडियो के अंत तक हमारे साथ, और वैदिक एस्ट्रो केयर चैनल को सब्सक्राइब कर नए नोटिफिकेशन की जानकारी हेतु वैल आयकन दबाकर ऑल सेलेक्ट अवश्य करें।
सभी ग्रहों का अलग-अलग वनस्पतियों और पेड़ों से सीधा संबंध होता है। अत: इन पेड़ों की जड़ों को धारण करने से अशुभ ग्रहों के प्रभाव कम हो जाते हैं।व्यक्ति की शारिरिक आर्थिक, पारिवारिक सभी परेशानियां दूर हो जाती हैं।
किसी भी ग्रह की शान्ति हेतु यदि जड़ धारण करने का विचार बने तो सर्वप्रथम सम्बंधित ग्रह के वार,जैसे सूर्य ग्रह हेतु रविवार, चन्द्र ग्रह हेतु सोमवार, मंगल ग्रह हेतु मंगलवार का चयन करें। ततपश्चात पूर्व दिवस की संध्या के समय वृक्ष के पास जाकर धूप दीप जलाकर हाथ जोड़कर निवेदन करें, की हे वृक्षराज। ग्रहों की पीड़ा से निवृत्ति हेतु हमें आशीर्वाद स्वरूप आपकी जड़ की आवश्यकता है। हम भाव से आपकी जड़ को अपने गले या भुजा में धारण करना चाहते हैं। देवताओं के वैद्य अश्विनी कुमारों के द्वारा लोककल्याण के निमित्त आपकी श्रेष्ठता एवं सामर्थ्य से मानवों को औषधीय ज्ञान प्रदान किया गया है। अतः हम आपकी महानता को जानकर आपकी शरण में आए हैं, कृपा कर हमारे कष्टों को दूर करें। यह विनती करने के उपरांत अगले दिन जिस दिन जड़ धारण करनी हो उस दिन प्रातः काल स्नान आदि कर के वृक्ष की जड़ को लाएं। ध्यान रखें कि जड़ छोटी सी लानी है , जितनी धारण करनी हो। लाकर गंगाजल से स्नान करवाएं धूप दीप प्रज्वलित कर दाहिनी भुजा या गले में धारण करें।
आइये अब ध्यान पूर्वक समझें कि किस ग्रह के निमित्त कौन से वृक्ष की जड़ किस रंग के धागे में धारण करनी है।
यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में सूर्य अशुभ प्रभाव दे रहा हो तो सूर्य के लिए माणिक रत्न बताया गया है। माणिक के विकल्प के रूप में बेलपत्र की जड़ लाल या गुलाबी धागे में रविवार को धारण करना चाहिए। इससे सूर्य से शुभ फल प्राप्त किए जा सकते हैं।
चंद्र गृह के लिए
चंद्र से शुभ फल प्राप्त करने के लिए सोमवार को सफेद वस्त्र में खिरनी की जड़ सफेद धागे के साथ धारण करें।
मंगल ग्रह के लिए
मंगल ग्रह को शुभ बनाने के लिए अनंत मूल या खेर की जड़ को लाल वस्त्र के साथ लाल धागे में डालकर मंगलवार को धारण करें।
बुध गृह के लिए
बुधवार के दिन हरे वस्त्र के साथ विधारा (आंधी झाड़ा) की जड़ को हरे धागे में पहनने से बुध के अशुभ प्रभाव दूर होते हैं।। यहां बताई जा रही जड़ें किसी भी पूजन सामग्री या ज्योतिष संबंधी सामग्रियों की दुकान से आसानी से प्राप्त की जा सकती हैं…
गुरु ग्रह के लिए
गुरु ग्रह अशुभ हो तो केले की जड़ को पीले कपड़े में बांधकर पीले धागे में गुरुवार को धारण करें।
शुक्र ग्रह के लिए
गुलर की जड़ को सफेद वस्त्र में लपेट कर शुक्रवार को सफेद धागे के साथ गले में धारण करने से शुक्र ग्रह से शुभ फल प्राप्त होते हैं।
शनि ग्रह के लिए
शनि देव को प्रसन्न करने के लिए शमी पेड़ की जड़ को शनिवार के दिन नीले कपड़े में बांधकर नीले धागे में धारण करना चाहिए।
राहु ग्रह के लिए
कुंडली में यदि राहु अशुभ स्थिति में हो तो राहु को शुभ बनाने के लिए सफेद चंदन का टुकड़ा नीले धागे में बुधवार के दिन धारण करना चाहिए।
केतु ग्रह के लिए
केतु से शुभ फल पाने के लिए अश्वगंधा की जड़ नीले धागे में गुरुवार के दिन धारण करें।
यह जानकारी यदि आपको अच्छी लगी तो वीडियो को लाइक और शेयर अवश्य करें।
वैदिक एस्ट्रो केयर आपके मंगलमय जीवन हेतु कामना करता है
नमस्कार
सभी ग्रहों का अलग-अलग वनस्पतियों और पेड़ों से सीधा संबंध होता है। अत: इन पेड़ों की जड़ों को धारण करने से अशुभ ग्रहों के प्रभाव कम हो जाते हैं।व्यक्ति की शारिरिक आर्थिक, पारिवारिक सभी परेशानियां दूर हो जाती हैं।
किसी भी ग्रह की शान्ति हेतु यदि जड़ धारण करने का विचार बने तो सर्वप्रथम सम्बंधित ग्रह के वार,जैसे सूर्य ग्रह हेतु रविवार, चन्द्र ग्रह हेतु सोमवार, मंगल ग्रह हेतु मंगलवार का चयन करें। ततपश्चात पूर्व दिवस की संध्या के समय वृक्ष के पास जाकर धूप दीप जलाकर हाथ जोड़कर निवेदन करें, की हे वृक्षराज। ग्रहों की पीड़ा से निवृत्ति हेतु हमें आशीर्वाद स्वरूप आपकी जड़ की आवश्यकता है। हम भाव से आपकी जड़ को अपने गले या भुजा में धारण करना चाहते हैं। देवताओं के वैद्य अश्विनी कुमारों के द्वारा लोककल्याण के निमित्त आपकी श्रेष्ठता एवं सामर्थ्य से मानवों को औषधीय ज्ञान प्रदान किया गया है। अतः हम आपकी महानता को जानकर आपकी शरण में आए हैं, कृपा कर हमारे कष्टों को दूर करें। यह विनती करने के उपरांत अगले दिन जिस दिन जड़ धारण करनी हो उस दिन प्रातः काल स्नान आदि कर के वृक्ष की जड़ को लाएं। ध्यान रखें कि जड़ छोटी सी लानी है , जितनी धारण करनी हो। लाकर गंगाजल से स्नान करवाएं धूप दीप प्रज्वलित कर दाहिनी भुजा या गले में धारण करें।
आइये अब ध्यान पूर्वक समझें कि किस ग्रह के निमित्त कौन से वृक्ष की जड़ किस रंग के धागे में धारण करनी है।
यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में सूर्य अशुभ प्रभाव दे रहा हो तो सूर्य के लिए माणिक रत्न बताया गया है। माणिक के विकल्प के रूप में बेलपत्र की जड़ लाल या गुलाबी धागे में रविवार को धारण करना चाहिए। इससे सूर्य से शुभ फल प्राप्त किए जा सकते हैं।
चंद्र गृह के लिए
चंद्र से शुभ फल प्राप्त करने के लिए सोमवार को सफेद वस्त्र में खिरनी की जड़ सफेद धागे के साथ धारण करें।
मंगल ग्रह के लिए
मंगल ग्रह को शुभ बनाने के लिए अनंत मूल या खेर की जड़ को लाल वस्त्र के साथ लाल धागे में डालकर मंगलवार को धारण करें।
बुध गृह के लिए
बुधवार के दिन हरे वस्त्र के साथ विधारा (आंधी झाड़ा) की जड़ को हरे धागे में पहनने से बुध के अशुभ प्रभाव दूर होते हैं।। यहां बताई जा रही जड़ें किसी भी पूजन सामग्री या ज्योतिष संबंधी सामग्रियों की दुकान से आसानी से प्राप्त की जा सकती हैं…
गुरु ग्रह के लिए
गुरु ग्रह अशुभ हो तो केले की जड़ को पीले कपड़े में बांधकर पीले धागे में गुरुवार को धारण करें।
शुक्र ग्रह के लिए
गुलर की जड़ को सफेद वस्त्र में लपेट कर शुक्रवार को सफेद धागे के साथ गले में धारण करने से शुक्र ग्रह से शुभ फल प्राप्त होते हैं।
शनि ग्रह के लिए
शनि देव को प्रसन्न करने के लिए शमी पेड़ की जड़ को शनिवार के दिन नीले कपड़े में बांधकर नीले धागे में धारण करना चाहिए।
राहु ग्रह के लिए
कुंडली में यदि राहु अशुभ स्थिति में हो तो राहु को शुभ बनाने के लिए सफेद चंदन का टुकड़ा नीले धागे में बुधवार के दिन धारण करना चाहिए।
केतु ग्रह के लिए
केतु से शुभ फल पाने के लिए अश्वगंधा की जड़ नीले धागे में गुरुवार के दिन धारण करें।
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