गुरुवार, 22 जनवरी 2026

दीपावली पूजन विधि: लक्ष्मी गणेश पूजा की संपूर्ण वैदिक विधि

श्री गणेशाय नमः
दीपावली पूजन

श्री गणेशाय नमः
दीपावली पूजन विधि – संपूर्ण वैदिक पूजा विधि एवं सामग्री


नमस्कार,
वैदिक ऐस्ट्रो केयर में आपका हार्दिक अभिनंदन है।

कार्तिक कृष्ण अमावस्या के पावन अवसर पर पूरे देश में प्रकाशोत्सव दीपावली का पर्व श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया जाता है। शास्त्रों में दीपावली के दिन माता लक्ष्मी, भगवान गणेश और कुबेर देव की पूजा का विशेष विधान बताया गया है।
शास्त्रों के अनुसार, कार्तिक कृष्ण अमावस्या को प्रदोष काल में स्थिर लग्न में दीपावली पूजन करने से अन्न-धन, सुख-समृद्धि और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है।
तांत्रिक साधना करने वाले निशीथ काल में पूजा करते हैं, लेकिन सात्विक गृहस्थों को प्रदोष काल में ही दीपावली पूजन करना चाहिए।
🌼 सात्विक गृहस्थों के लिए दीपावली पूजन सामग्री
दीपावली पूजन से पूर्व सभी पूजन सामग्री शुद्ध भाव और श्रद्धा के साथ एकत्रित कर लें।
दीपावली पूजन सामग्री सूची
लकड़ी की चौकोर चौकी
कलावा (मौली)
रोली
सिंदूर
पानी वाला नारियल
अक्षत (चावल)
लाल वस्त्र (1 मीटर)
पुष्प
पाँच सुपारी
लौंग
पान के पत्ते
घी
तांबे का कलश (5 लीटर जल सहित)
आम, पीपल, बरगद के पत्ते
कमल गट्टे की माला
पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, शक्कर)
फल (अनार, केला, सेब आदि)
मिठाई
पूजा आसन
हल्दी
धूप
इत्र
मिट्टी के दो बड़े दीपक
मिट्टी के छोटे दीपक (21, 51, 101 या इच्छानुसार)
रूई
आरती की थाली
सर्वोषधि
दूर्वा
सप्तमृतिका
पंचरत्न
जनेऊ
स्वच्छ जल से भरा लोटा
आचमन पात्र
स्नान हेतु कांसे की दो थालियाँ
दूध, दही, घी, शहद, शक्कर
हरी इलायची
गुलाब/कमल पुष्प एवं गेंदा मालाएँ
गंगाजल
लक्ष्मी-गणेश प्रतिमा (चांदी/सोना)
सरसों का तेल
नया तौलिया
कुबेर यंत्र या प्रतिमा
लक्ष्मी जी के लिए लाल साड़ी
गणेश जी के लिए सफेद धोती
🛕 दीपावली पूजन की तैयारी विधि
पूजन स्थल को गंगाजल से शुद्ध करें।
पूर्व या उत्तर मुख होकर लाल या पीले ऊनी आसन पर बैठें।
चौकी पर लाल वस्त्र बिछाएँ।
चावल से अष्टदल कमल बनाएँ।
कलश स्थापित करें और उसमें गंगाजल मिलाएँ।
कलश में सुपारी, हल्दी, सप्तमृतिका, दूर्वा, पंचरत्न, सिक्का, रोली, अक्षत, पुष्प डालें।
कलश पर कलावा बाँधें।
आम, पीपल, बरगद के पत्ते रखें।
नारियल को लाल वस्त्र में लपेटकर कलश पर रखें।
लक्ष्मी-गणेश प्रतिमा और कुबेर यंत्र पूर्णपात्र में स्थापित करें।
घी और तेल के दीपक दाएँ-बाएँ स्थापित करें।
पंचामृत, पुष्प, धूप, चंदन आदि सजाएँ।
🔱 दीपावली पूजन प्रारंभ विधि
शुद्धिकरण एवं प्रारंभ
जल छिड़ककर शुद्धि करें।
आचमन करें।
तिलक लगाएँ।
दीप प्रज्वलित करें।
देव आवाहन एवं संकल्प
गणेश, लक्ष्मी, कुबेर का ध्यान करें।
पृथ्वी माता को प्रणाम करें।
चारों दिशाओं में अक्षत अर्पित करें।
पवित्र नदियों का स्मरण कर जल छिड़कें।
सूर्य देव को प्रणाम करें।
घंटा-शंख ध्वनि करें।
समस्त देवताओं, गुरुओं, माता-पिता, कुलदेवता का स्मरण करें।
संकल्प लें और मनोकामना करें।
अष्ट लक्ष्मी आवाहन मंत्र
ॐ आदिलक्ष्म्यै नमः
ॐ धनलक्ष्म्यै नमः
ॐ धान्यलक्ष्म्यै नमः
ॐ गजलक्ष्म्यै नमः
ॐ संतानलक्ष्म्यै नमः
ॐ वीरलक्ष्म्यै नमः
ॐ विजयलक्ष्म्यै नमः
ॐ विद्यालक्ष्म्यै नमः
🌸 लक्ष्मी-गणेश अभिषेक एवं पूजन विधि
प्रतिमा को जल से स्नान कराएँ।
दूध, दही, घी, शहद, शक्कर से अभिषेक करें।
पंचामृत से स्नान कराएँ।
पुनः शुद्ध जल से स्नान कराएँ।
वस्त्र अर्पित करें।
चंदन, रोली, अक्षत, पुष्प अर्पित करें।
माला अर्पित करें।
दूर्वा, हल्दी, धूप-दीप अर्पित करें।
फल-मिष्ठान्न का भोग लगाएँ।
पान-सुपारी अर्पित करें।
व्यापारी वर्ग बहीखाते पूजें।
आरती करें और पुष्पांजलि अर्पित करें।
🪔 दीप प्रज्वलन एवं शुभकामना विधि
घर के द्वार पर स्वस्तिक बनाकर दीप जलाएँ।
तुलसी, पितरों एवं देवालय में दीपक जलाएँ।
प्रसाद वितरित करें।
बड़ों का आशीर्वाद लें और दीपावली की शुभकामनाएँ दें।
🕉️ लक्ष्मी-गणेश मंत्र
लक्ष्मी मंत्र:
👉 ॐ भूर्भुवः स्वः महालक्ष्म्यै नमः।
गणेश मंत्र:
👉 ॐ गं गणपतये नमः।
✨ इस विधि से श्रद्धा और विश्वास के साथ दीपावली पूजन करने से घर में धन, ऐश्वर्य, सुख-समृद्धि एवं मंगल का वास होता है।

Vedic Astro Care

Author & Editor

आचार्य हिमांशु ढौंडियाल

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